द फॉलोअप डेस्क
संसद की सुरक्षा में हुई चूक मामले पर आज लोकसभा से 33 और राज्यसभा से 30 सासंदों को निलंबित कर दिया गया है। एक एजेंसी की खबर में बताया गया है कि सभी सांसदों को शीतकालीन सत्र की पूरी अवधि के लिए निलंबित किया गया है। निलंबित सांसदों में कांग्रेस के सांसद अधीर रंजन चौधरी भी शामिल हैं। चौधरी ने मामले में कहा कि हम सिर्फ ससंद की सुरक्षा हुई चूक पर गृहमंत्री के बयान की मांग कर रहे थे। इसी बात पर हमारे सांसदों को निलंबित कर दिया गया। कहा कि ये लोकतंत्र की हत्या है।

ये सांसद किये गये निलंबित
लोकसभा से निलंबित किये गये सांसदों में कांग्रेस पार्टी के वीके श्रीकंदन, बेनी बेहनन, मोहम्मद जावेद, मणिकम टैगोर, टी एन प्रतापन, हिबी इडेन, जोतिमणि, रम्या हरिदास और डीन कुरियाकोस, द्रमुक की कनिमोई, प्रतिबन, माकपा के एस वेंकटेशन, पीआर नटराजन के नाम हैं। वहीं, भाकपा के के सुब्बानारायण को भी सस्पेंड कर दिया गया है। हालांकि निलंबन के बाद सासंदों ने सदन के बाहर आकर भी अपनी मांग दोहरायी है।
#WATCH | Opposition MPs, who were suspended from the Parliament today for the remainder of the Winter Session, protest on the stairs to the Parliament.
— ANI (@ANI) December 18, 2023
33 MPs from Lok Sabha and 34 from Rajya Sabha were suspended today; the matter of suspension of 3 MPs from Lok Sabha and 11… pic.twitter.com/7Sz4JHySJz
क्या कहा कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी
कांग्रेस के सांसद चौधरी ने अपने निलंबन के बाद पत्रकारों से कहा कि पार्टी के सांसद पहले भी निलंबित भी किये गये हैं। संसद में कई दिनों से उनकी बहाली की मांग लोकसभा अध्यक्ष से की जा रही है। इसके साथ ही हम संसद की सुरक्षा हुई चूक पर गृहमंत्री अमित शाह का बयान लोकसभा में सुनना चाहते हैं। वे रोज टीवी और दूसरे मीडिया में देश की सुरक्षा पर बोलते रहते हैं। इस लिहाज से उनको संसद में भी कुछ बोलना चाहिये। कहा कि संसद में घुसपैंठ एक गंभीर मामला है। इस पर विपक्ष को कुछ बोलने से भी रोका जा रहा है। ये पूरी तरह से लोकतंत्र का गला घोंटने का मामला है।
